Time Loop में फंसी ट्रेन । Zanetti ट्रेन की मिस्ट्री । सफर जिसकी ना कोई मंजिल और ना ही कोई अंत।
हेलो फ्रेंड, SCYMYSTERY में आपका स्वागत है। इंसानों और घर के अंदर किसी प्रेत आत्मा का प्रवेश कर जाना या उनके ऊपर किसी दुष्ट आत्मा का दुष्प्रभाव पड़ने की कई घटनाएं आपने देखी और सुनी होंगी और ऐसी घटनाओं को जानकर शरीर में एक अजीब सी सिरम सी दौड़ जाती है। लेकिन क्या हो अगर एक पूरी की पूरी ट्रेन घोस्ट यानी प्रेत में तब्दील हो जाए। जी हां दोस्तों आपने सही सुना एक ऐसी ट्रेन जो निर्जीव होने के बावजूद जीवंत है और लोग उससे ठीक उसी तरह डरते हैं जैसे कि कोई भूत या पिशाच देख लिया हो। इस ट्रेन को घोस्ट ट्रेन के नाम से जाना जाता है। इस ट्रेन को देखे जाने की अनेकों घटनाएं सामने आई है और यह ट्रेन कहां से आती थी और कहां गायब हो जाती थी, इसकी मालूमात किसी के पास नहीं है। बहुत से लोग इसे भुतहा मानते हैं तो बहुत से लोगों का कहना है कि यह कोई टाइम ट्रैवल मशीन है जो समय में आगे पीछे चल रही है। और कुछ लोग कहते हैं कि यह ट्रेन पैरेलल यूनिवर्स या किसी दूसरे आयाम(dimension) से है और टाइम लूप में फस चुकी है। तो चलिए दोस्तों जानते हैं इस ट्रेन की हकीकत को और शुरू करते हैं।
14 जून 1911 में रोम(Rome) से जनेटी(Zanetti) नाम की एक ट्रेन चली।
जिसमें लगभग 106 यात्री मौजूद थे जो साइट सीन यानी दिशा भ्रमण के लिए इस ट्रेन में चढ़े थे। इस ट्रेन की मंजिल यूं तो पास ही का एक हिल स्टेशन था, लेकिन ट्रेन के चलने से पहले तक यह बात कोई नहीं जानता था कि वह लोग एक ऐसे सफर पर निकलने वाले हैं, जिसकी ना कोई मंजिल और ना ही कोई अंत था। अपनी डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए ट्रेन को तकरीबन 1 किलोमीटर लंबी टनल में से होकर गुजना था। लेकिन आश्चर्य की बात यह थी कि यह ट्रेन उस टनल के एक छोर से अंदर तो चली गई लेकिन दूसरे छोर से वापस कभी नहीं निकली। पहले तो लोगों को लगा कि शायद वो ट्रेन टनल के अंदर फंस गई होगी या फिर ट्रेन में कुछ खराबी आने के कारण वह बाहर तक नहीं पहुंच पाई होगी। अपनी आशंकाओं के साथ रोम पुलिस के कुछ जवान और रेलवे अथॉरिटी के कुछ लोग इस टनल में से उस ट्रेन का पता लगाने के मकसद से निकले। जैसे-जैसे वह लोग टनल में अंदर जाते रहे, वैसे-वैसे उन लोगों की जिज्ञासा और डर बढ़ता चला गया और देखते-देखते वह इस टनल के अंतिम छोर तक पहुंच गए। लेकिन 14 जून को चली उस ट्रेन का कोई अता-पता नहीं मिला। इस घटना से सभी लोग दंग थे कि आखिर इतनी बड़ी ट्रेन इस टनल में से कहां और कैसे गायब हो गई। इस ट्रेन के गायब होने की गुत्थी अभी सुलझना शुरू भी नहीं हुई थी तभी रोमन रेलवे के पास 2 लोग आए और उन दोनों का कहना था कि वे दोनों उसी ट्रेन के यात्री हैं और ट्रेन के टनल में घुसने से कुछ क्षण पहले ही है वह दोनों ट्रेन से कूद गए थे। क्योंकि उन्हें कुछ अनचाहा गठित होने की अनुभूति हुई थी और टनल के मुहाने पर उन्हें सफेद कोहरे का गहरा गुबार से देखा था। इन दोनों यात्रियों के इस बयान ने इस ट्रेन की मिस्ट्री को और भी गहरा और रोचक बना दिया। फिलहाल रोमन रेलवे ने सावधानी बरतते हुए इस टनल को दोनों तरफ से हमेशा के लिए बंद करा दिया। ट्रेन के पैसेंजरों में से एक पैसेंजर के परिजनों को 1926 के आर्काइव रिकॉर्ड में एक ऐसी रिपोर्ट मिली जिसे जानकर सभी स्तब्ध रह गए। इस रिपोर्ट के अनुसार 1845 में मेक्सिको के एक पागलखाने में एक साथ 104 लोगों को भर्ती कराया गया था। यह 104 लोग कौन थे और कहां से आए थे, यह कोई नहीं जानता था लेकिन चौका देने वाली बात यह थी कि यह सभी 104 लोग इटालियन थे। और इन सभी का कहना था कि यह लोग रोम से आए हैं। इन लोगों का बयान और 1911 में हुई Zanetti ट्रेन की घटना के यात्रियों के साथ हुई घटना हुबहू मेल खाती थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि जो घटना 1911 में गठित हुई तो उस घटना के शिकार लोग 1845 में एक पागलखाने में भर्ती कैसे हो सकते हैं। और उससे भी रहस्यमय सवाल यह है कि अगर इन 104 लोगों की माने तो इन सभी का कहना था कि वह लोग रोम से मेक्सिको तक एक ट्रेन में सफर करके आए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि रोम से मेक्सिको की दूरी लगभग 10,234 किलोमीटर है और इन दोनों जगहों के बीच एक विशालकाय ओशन और कई सागर है। भला एक ट्रेन इतना लंबा सफर पानी के रास्ते तय कैसे कर सकती है। इन 104 इटालियन लोगों के बयानों की तफ्तीश करते हुए जब रोम से मेक्सिको तक आए पानी के जहाजों और उनके यात्रियों की लिस्ट निकाली गई तो उस लिस्ट में उन 104 व्यक्तियों में से एक भी व्यक्ति का जिक्र नहीं था। तो आखिर उस पागलखाने में एक साथ एक जुबान बोलने वाले एक ही देश के वासी आए कहां से। इन इटालियन लोगों में से एक व्यक्ति के पास तब्बैको बॉक्स भी मिला। जिस पर कंपनी के नाम के ऊपर 1907 लिखा था। इस बॉक्स को आज भी मेक्सिको ने जप्त कर रखा है। तो आखिरी ये मिस्टीरियस ट्रेन उस टनल से कहां गायब हो गई। यह बात आज भी एक पहेली बनी हुई है। लेकिन इस ghost ट्रेन को आज तक बहुत बार रशिया, इंडिया, जर्मनी, इटली और रोमानिया के कई हिस्सों में देखा गया है। सभी प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने जिस ट्रेन को देखा था वह अचानक उनके सामने प्रकट हुई और उस ट्रेन में तीन कंपार्टमेंट थे जो एक लोहे के मोटे और लंबे पाइप से आपस में जुड़े हुए थे। इस बात से यह बात साफ जाहिर है कि इन अलग-अलग जगहों पर देखी गई या अचानक प्रकट हुई ट्रेन एक ही थी। 1991 में पोलतावा(poltava) में जब इस घोस्ट ट्रेन को देखा गया तो वहां मौजूद एक पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर इस में चढ़गया और हमेशा हमेशा के लिए गायब हो गया। आज भी उस इन्वेस्टिगेटर की तलाश जारी है। यह भूतिया घटना थी या फिर वह ट्रेन वाकई किसी टाइम लूप में फंसकर समय में आगे पीछे घूम रही है। ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब किसी के पास नहीं है। तो आप लोगों को क्या लगता है, क्या हो सकता है, इस ट्रेन का रहस्य।
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